मेरा सूरज,तुम्हारा सूरज
मेरी किरण,तुम्हारी किरण
बस सन्देश वाहक है
हर भोर एक नई भोर है
हर सुबह आशा की डोर है
नभ का हर हिस्सा हौसले का दूसरा छोर है
बादलों के बीच बस प्यार का शोर है।
हर सुबह देखती हूँ सूरज की प्रभात फेरी,
हर सुबह देखती हूँ आसमान की लाली।
हर सुबह देखती हूँ बृहत् रंगोली,
हर सुबह पवन की शोख ठिठोली !
नभ पर घूमें बादल जैसे फ़कीर चला हो अल्हड़,
इस धरती की नमी समेटे, उधर लुटाऐं चंचल।
बावरे फूल का इठलाना, बन खुशबू फैले दूर तलक
इस कोयल की बोली सुन जागे, कहीं ह्रदय में अधीर ललक!
मेरे आकाश में यही खेल है,
तुम्हारे आकाश का यही सवेरा,
वही किरण दे दस्तक घर पर,वही किरण तुम्हारा उजियारा।
इस आँगन की खुशबू लेकर, मेरी हवा जाए पास तुम्हारे
तुम्हारे आकाश का बादल देखो,उड़ कर आये पास हमारे।
वही आकाश है,वही प्रकाश है
जग से परे विस्तार अपार!

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें