गुरुवार, अप्रैल 13, 2023

जलन-१

 

बड़ी जलन होती है ।वैसे तो बहुत लोगों से बहुत बातों पर होती है पर आज जिस बात की जलन की आग है वह है उनलोगों पर जिनको भगवान ने सुरीली आवाज़ दी है ।उसी भगवान की क़सम, by God क्या जल-भुन कर राख हो जाती हूँ जब ऐसे लोगों से मिलती हूँ।और चार लोग बैठें हो, कुछ भी करने को नहीं है तो … अरे फलाने गाना सुनाओ भई। दस लोग बैठे हों .. अरे कुछ गाना-वाना हो जाये।अन्ताक्षरी खेलें।अभी कुछ दिन पहले किसी की anniversary थी .. सब शुरू हो गये … हर कोई एक एक गाना सुनाएगा।
अरे क्यों भई।आपको सुकंठ का वरदान मिला है … उनसे पूछिए जिन्हें गाने को बोलो तो मेढक सी आवाज़ निकलती है ।जब कहीं बैठो और ऐसी कोई बात शुरू हो जाये तो हमें चाहिये invisible cloak या ढूँढ लो हमें कहीं सोफ़े के नीचे।अरे हम तो सपने में भी नहीं गाते! bathroom singer के नाम पर जब bathroom में गाते गुनगुनाते हैं तो shower भी गुमसुम हो कर बंद हो जाता है ।हाय किस बाथरूम में लग गया मैं ।दीवारें भी लगता है कह रही हों हमसे यह आवाज़ गूंजी नहीं जायेंगी ।वही echo/acoustics जिससे लोग सोचते हैं वह मुहम्मद रफ़ी हो गये,लता मंगेशकर हो गये और कुछ नहीं तो हिमेश रेशमिया ही समझ लिया।पर इधर तो वो भी नहीं ।यहाँ तो बाथरूम ने भी बग़ावत कर दी।
और उधर वो लोग हैं झट गाना शुरू।जहां स्टेज दिखा,माइक पकड़े और गाना शुरू।reel बना लें गाने की। नवरात्रों में ज़ोर ज़ोर से देवी माँ की भक्ति। बेसुरों की भक्ति माँ स्वीकारेंगी कि नहीं ।आरती भी गाते हैं तो twinkle twinkle के अन्दाज़ पर निकलती है ।
चलो तुम गाने वाले फूलो फलो,गाते रहो बस हम जैसों से मत बोलो गाने को।हम जी लेंगे अपनी डाह लिये । लागि डाह.....La Dee Dah !



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