Sunday, April 02, 2006

अप्रैल फूल..!!??

१ अप्रैल को दो अनूठी सी खबरों से वास्ता हुआ.एक अख्बार में और एक इ-मेल के ज़रिये.पहली खबर थी आदमी के चाँद पर पहुँचने से संबंधित.कुछ लोगों का मानना है कि यह एक बहुत बडा धोखा है जो विश्व पर अमेरिका ने किया है.चाँद पर आदमी के कदम अभी तक नहीं पडे हैं और अमेरिका का यह दावा झूठा है.एसी खबरें पहले भी पढी हैं पर यह समझना मुश्किल है कि सच्चाई क्या है.क्या इतना बडा छल पूरी दुनिया के सामने कर पाना संभव है,जबकि समस्त वैज्ञानिक जगत की नज़रें उस घटना पर लगी रही होंगी? जो लोग इस घटना को एक बहुत बडा धोखा कहते हैं वो अपने कथन के समर्थन मे ऐसे तथ्य रखते हैं जिनको नज़रअंदाज़ भी नही किया जा सकता है.आखिर सत्य क्या है?क्या वाकइ मानव कदम चाँद पर पडे या फिर हम एक भुलावे में जी रहे हैं ! क्या कोइ इस पर प्रकाश डाल सकता है?
इसी तरह की एक और खबर है ताजमहल से संबंधित.इसमें कहना यह है कि ताजमहल शाह्जहाँ ने बनवाया ही नहीं.वस्तुत: वह एक प्राचीन हिन्दू शिव मंदिर है जिसमें कुछ परिवर्तन कर ताजमहल बना.इसके कम से कम २२ कमरे बंद हैं और उन्हीं बन्द कमरों में कैद है इस की असलियत!
तो आप लोगों का क्या विचार है....क्या चँदा मामा हमारे ऊपर हंस रहे होंगे इस स्वरचित स्वांग पर और क्या ताजमहल के उन कथित मूल कारीगरों की आत्माएं रो रही होंगी अपनी अद्वितीय रचना के अपहरण पर?

http://www.stephen-knapp.com/was_the_taj_mahal_a_vedic_temple.htm

5 comments:

Pratik said...

इस विषय पर मैंने भी एक प्रविष्टि लिखी थी - ताजमहल है एक शिव-मन्दिर

पूनम मिश्रा said...

प्रतीक,आपका ब्लाग पढा.मुझे नहीं लगता कि यह दोंनो गुत्थियाँ कभी सुलझने वाली हैं.लेकिन यह भी उन लोगों को ,जो हमें भ्रमित करते हैं,जान लेना चहिये कि लोग जानते हैं कि उन्हें बेवकूफ़ बनाया जा रहा है.

Tarun said...

क्‍या अजीब संयोग है ताजमहल पर दो लेख पड़े दोनों एक साल के अंतर पर लिखे गये - एक तुम्‍हारा और एक प्रतीक के ब्‍लोग पर।

Tarun said...

हम तो अभी धर्म की गुत्‍थी सुलझाने में लगे हैं, ये सुलझ गई तो फिर देखेंगे।

आशीष said...

ताजमहल का तो पता नहीं लेकिन चाँद पर जाने के विवाद के बारे में मैंने भी सुना है और इस विषय पर जानने की उत्सुक्ता भी है। मुझे भी लगता है कि शायद ये सच है कि अभी तक चाँद पर कोई भी नही जा सका है। इस बारे में जो तर्क दिये जाते हैं उनके बारे में स्पष्टीकरण इस साईट में दिया गया है। www.moonhoax.com

इस विषय पर जानने के लिये मैंने BBC Hindi की साईट पर भी "हमसे पूछिये" में प्रश्न पूछा था परन्तू अब तक उसका कोई जवाब नहीं आया है।