Thursday, October 19, 2006

वापसी

कुछ महीनों के अंतराल पर मैं वापस अपने चिट्ठे पर आइ हूँ.कुछ वही चिर परिचित चेहरे ,कुछ नये चिट्ठे .प्रत्यक्षा की अनूभूतियाँ हमेशा की तरह संवेदनशील हैं. .वह एक बहुत अच्छी लेखिका और चित्रकार होने के साथ एक बहुत ही अच्छी इंसान और दोस्त भी है.उसकी हर पोस्ट का मुझे बेसब्री से इंतज़ार रहता है.ब्लोगस्पोट पर वापस आने पर लगता है जैसे पुराने दोस्तों के बीच आ गयी हूँ.वैसे आजकल मौसम ही कुछ ऐसा है...पुराने बिछ्डे दोस्तों से मिलने का. यह सब अंतरजाल की माया है .अभी कल ही कुछ बोरियत के क्षणों में ,हमने अपनी कुछ पुरानी स्कूल की सहेलियों का नाम गूगल पर डाल दिया.और एक पुरानी अंतरंग दोस्त से पुनः नाता जुड गया.इस अंतरजाल का भी जवाब नही.घर बैठे बैठे अमेरिका में बसी २५ साल से खोयी सहेली से मिनटों में मिलवा दिया. अभी तो जान पहचान पुनः स्थापित करने का सिलसिला चल रहा है.देखें यह वार्तालाप कब तक चलता है.मैंने अपने तज़ुर्बे से पाया है कि बहुत अरसे बाद कोइ रिश्ता दुबारा बनाना काफी मुश्किल होता है.स्कूल की अल्हड लड्की और वयस्क स्त्री में बहुत फर्क है.जीवन के अनुभवों से व्यक्तित्व बदल जाते हैं.ज़िन्दगी जीने के तरीके अलग हो जाते हैं.कब तक पुरानी यादों के सहारे पत्राचार होगा.आखिर वो 'पुरानी जीन्स और कैन्टीन'की कथा अनन्त तो है नही. अगर आपकी तरंगें अभी भी उसी frequency पर हैं तो क्या कहने.पुरानी दोस्ती की सुद्र्ढ नींव तो है ही ,उस पर इमारत भी शानादार खडी हो जायेगी.अभी तो इस बात की खुशी है कि इस व्यस्त दिनचर्या में कुछ सुकून के पलों को दुबारा से महसूस किया और इस माध्यम से कुछ वक्त के लिये फिर ज़िम्मेदारी रहित अल्हड्ता का एहसास हुआ .
क़्या यह संपर्क का सिलसिला जारी रहेगा? समय ही बता सकता है.तब तक हम अपने स्कूल के दिनों की स्मृतियों को ताज़ा कर रहें हैं और इस आश्चर्य से अभिभूत हैं कि टेक्नालोजी के माध्यम से एक दोस्ती पुनः कायम हो गयी.

6 comments:

Anonymous said...

स्वागत है

Udan Tashtari said...

स्वागत है आपकी वापसी पर. हमें भी पहचान लें, हम भी आपके साथ हैं इसी जगत में.

Pratyaksha said...

बहुत अच्छा लगा फिर यहाँ देखकर । उम्मीद है कि कुछ न कुछ लिखती रहोगी , नियमित ।
और तरीफ के लिये शुक्रिया । सुबह सुबह दिन बन गया :-)लगता है दीवाली अच्छी मनेगी , तुम्हारी भी ,कई मायनो में ।

पूनम मिश्रा said...

धन्यवाद उन्मुक्त .समीरजी आपकी कुंडली की मैं एक मूक प्रशंसिका हूँ.आप सब को दीपावली की शुभकामनाएं.

प्रियंकर said...

स्वागत और दीपावली की शुभकामनाएं !

Sagar Chand Nahar said...

बड़े शुभ मौके पर वापसी की आपने!
बधाई स्वीकार करें