Tuesday, April 03, 2007

भोर भ्रमण


दिल्ली स्थित लोधी गार्डेन का यह मनमोहक नज़ारा


यह जो ज़मीन है
न तुम न मै
बहुत विशाल है.

दूर आसमान से
धरती पर
दस्तरख्वान एक

तुम्हारी गुटरगूँ
सीताराम से
बनाए सरगम

2 comments:

Manish said...

तुम्हारी गुटरगूँ
सीताराम से
बनाए सरगम

सचमुच सुंदर दृश्य रहा होगा वो !

Udan Tashtari said...

इस दृश्य के साथ ये सरगम..क्या बात है!! यह तो कोई कवि हृदय ही सुन सकता है, नमन!! :)