Tuesday, July 08, 2008

काबुल --एक दर्द भरा दिन

काबुल हमेशा सुंदर दिखे यह ज़रूरी नहीं.कल के हादसे में भारतीय दूतावास को निशाना बनाया गया । भारत के ब्रिग मेहता और भारतीय विदेश सेवा के वेंकटेश्वर राव तथा इंडो टिबेटन बार्डर पुलिस के दो जवान शहीद हो गए। एम्बसी के गेट के सामने ही एक बारूद भरी कार ने इनकी लैंड क्रुसर से भिड कर आत्मघाती हमला किया। नियामत (लैंड क्रुसार का ड्राईवर ) बड़ी खुशमिजाजी से हमें काबुल में मिलता था .वह भी इस आक्रमण में शहीद हो गया । भगवान इनके परिवारों को हिम्मत दे .और ऐसा हमला करने वालों को सदबुद्धि।

2 comments:

Udan Tashtari said...

अति दुखद एवं निन्दनीय घटना.

महामंत्री-तस्लीम said...

सही कहा आपने हम तो इनके लिए बुद्धि की ही कामना कर सकते हैं क्योंकि इन्हें नहीं मालूम ये क्या कर रहे हैं।