Tuesday, September 08, 2009

सास बहू और बहुत कुछ ......

तबादला न हो पाने से आजकल कुछ ऐसी स्थिति बन गई है की मैं एक हफ्ता लखनऊ और एक हफ्ता दिल्ली मैं रहती हूँ। दिल्ली में रहने पर छुट्टी लेनी पड़ती है सो दिन भर घर पर ही रहती हूँ। बहुत दिनों बाद घर पर ब्रॉडबैंड चालू हो पाया । दिन भर या तो कोई किताब पढो या टी वी देखो। लिहाज़ा टीवी के बहुत से कार्यक्रमों से जान पहचान बढ़ गयी है। आज NDTV GOOD TIMES देखा। यह मेरे पसंदीदा चैनलों में से है। कई अलग तरह के कार्यक्रम देखने को मिलते हैं। वैसे तो टीवी पर पाक कला पर आधारित कई शोज़ हैं पर इस चैनल पर दिखे कार्यक्रम अच्छे लगे.एक था "हाईवे ऑन माय प्लेट " जिसमें मयूर और र्रौकी ले जाते हैं अलग शहरों में ढाबेनुमा जगहों पर और हमारा परिचय कराते हैं वहां के खाने से . शहर के अलावा यह वहां के राष्ट्रमार्गों पर भी ले जा हैं.उनके साथ मैं भी मज़ा ले चुकी हूँ शहरों के ढाबों का . दिल्ली के चांदनी चोंक से दक्षिण के उदिपी तक,उत्तराँचल से राजस्थान के ढाबों तक का सफ़र मैं इनके साथ करती हूँ. ।राष्ट्रमार्ग पर खडे हो कर लिफ्ट मांगते हुए और शो के अंत में अपने फ़ूड कोट से यह दोनों पूरे शो में हँसते हँसाते रहते हैं . इनके साथ आप ऐसे ढाबों पर जाते हैं जहाँ सिर्फ ट्रक चालक रुकते हैं और कई मशहूर जगह भी जैसे पुरानी दिल्ली के करीम,,लखनऊ के टुंडे मियाँ की दुकान पर ,बनारस में ठंडई के अड्डों पर या केरल के मछुआरों के पास. दोनों के बीच का सामंजस्य अद्भुत है हलके फुल्के अंदाज़ से कार्यक्रम पेश करते हुए हमें बहुत सा ज्ञान देते जाते हैं. आदित्य बल पहले मॉडल थे पर अब उन्होंने शेफ का जामा पहन लिया है और अपने दो शो इस चैनल पर होस्ट करते हैं.एक है चख ले इंडिया ! इस पर वह भारत के विभिन्न शहरों में जाते हैं ,वहां के " स्ट्रीट फ़ूड" से हमें रूबरू कराते हैं , किसी के घर मेहमान बन कर वहां के विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेते हैं ,या फिर किसी रेस्तरां में खाने का मज़ा लेते हैं और फिर हमें एक दो पकवान अपनी रसोई में बना कर दिखाते हैं. जिप पाउच ले कर तुंरत मसालों और सब सामान की खरीदारी कर खाना बनाने का यह एक अलग अंदाज़ है. हाँ वह जिस शहर में जाते हैं वहां के बाज़ार भी हमें थोड़ा घुमाते हैं .जयपुर में कढ़ी बनती देखी ,अहमदाबाद में पोहे और उपमा ,लखनऊ में मूंग दालकी गोली की सब्जी ,भोपाल में भोपाली गोश्त कोरमा. शो अच्छा लगता है और खास तौर से आदित्य का चुलबुलापन. चख ले इंडिया !!!!!!!! उनका दूसरा शो हा लीन इस इन जिसे वह देवंशी गर्ग के साथ पर खैर मुझे अभी तक ज़रुरत नहीं पडी कम तेल वाले खाने की , सो इस प्रोगाम को मैं अधिकतर नहीं देखती . पर जो कार्यक्रम वास्तव में खाना बाने वालों के लिए उपयोगी है वह है मारुत सिक्का का "लोंक ,स्टॉक एंड तू स्मोकिंग टिक्कास" .मारूत सिक्का जाने माने शेफ हैं और इस कार्यक्रम में वह सिर्फ भारतीय खाना बनाना सिखाते हैं. यह ऐसे पकवान जो हम आसानी से घर पर बना सकते हैं..परांठा,सब्जी ,दाल,गोश्त,..मुझे यह .शायद सबसे उपयोगी शो .जहाँ अन्य कार्यक्रमों में घूमना फिरना भे शामिल है यह शुद्ध खाना बनाना सिखाता है और मारूत सिक्का का अंदाज़ बहुत सीधा है.

1 comment:

महेन्द्र मिश्र said...

सास बहू और ट्रांसफर गजब का फलसफा है . अच्छी पोस्ट.....