शनिवार, जुलाई 04, 2020

नाश्ते के साथी

सुबह जब फ़्लफ़ीजी को नाश्ता दिया जाता है तो हमलोग भी उस समय  सवेरे की चाय का मज़ा ले रहे होते हैं ।साथ में और भी अतिथिगण की मौजूदगी हमारी सुबह को तरन्नुम से भर देती है।जंगल बैब्लर,मैना और भी बहुत सी चिड़ियों की चहचहाट तो भोर  होते ही सुनने को मिलती है ।पर इन सबमें सबसे धृष्ट या कह लें सबसे निर्भीक होता है कौआ।फ़्लफ़ी इधर खाना खा रहा होता है कौवों की जमघट लग जाती है।सब उसे घेर कर बैठे हैं कि कब वह खाना ख़त्म करे और कब वह सब बचे हुए पर टूट पड़ें।
आज हमने बड़े ध्यान से देखा।देखिए कैसे एक कौवा औरों से अधिक साहसी है और वह फ़्लफ़ी के क़रीब पहुँच जाता है ।उसे हिम्मत बांधनी पड़ती है।उनकी भाव भंगिमा मज़ेदार कहानी कहती है।एक कौवा औरों से आगे बढ़ता है ।ज़मीन पर कुछ रोटी के टुकड़े हैं जिन पर उसकी दृष्टि जमी हुई है ।पर वह आसपास को और फ़्लफ़ी को भी देख रहा है ।फ़्लफ़ी खाना खाने में मगन है पर वह,बल्कि सारे कौवे इस बात के लिए तैयार हैं कि जैसे उसने सिर उठाया तो तुरंत उड़ जाएँ ।वह धीरे धीरे करके तिरछे खिसकता हुआ पास आता है ।गर्दन टेढ़ी कर फ़्लफ़ी को देखता है ।फुर्ती से चोंच में एक टुकड़ा पकड़ खिसक जाता है ।
आसपास उसके प्रतियोगी भी हैं । हम देख रहे हैं कि एक और कौवा पहले वाले से होड़ लग रहा है।
सबकी क्रिया,प्रतिक्रिया,मुद्राएँ सम्मोहित करती हैं।फ़्लफ़ी जी तो अपना नाश्ता करने में इतना व्यस्त है की उसे इन सब से कोई दिलचस्पी नहीं कि आसपास क्या हो रहा है।हममे भी नहीं।उसके बग़ल में बैठकर हम विडीओ बना रहे थे पर उसने हमें देखा तक नहीं।कौवे उससे डर डर कर उसके आसपास बैठे थे या पास आने का दुस्साहस कर रहे थे।वह  इस बात से बेख़बर था या बेपरवाह।दूसरी ओर कौवे उसकी  ओर ध्यान से देख रहे थे,प्रतीक्षा में,कुछ हिम्मती, कुछ धैर्यवान,कुछ दबंग,कुछ प्रतिस्पर्धात्मक।
आज इनका एक विडीओ बना लिया।फ़्लफ़ी जैसे ही खाना ख़त्म करके बैठता है सब उसके बचे खाने की ओर इकट्ठा हो जाते है।हमलोग भी उसका डिब्बा लॉन में रखकर कुछ और रोटी डाल देते हैं ।वह भी एक अलग मनोरंजक दृश्य होता है ।
देखें सुबह सवेरे का यह दृश्य इस video में ।



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