Thursday, May 29, 2008

काबुल फ़िर से २००८


खँडहर कहते हैं इमारत की बुलंदियों की कहानी
काबुल का दारुल अमन (शान्ति का घर) जो एक समय यहाँ के राजा का महल था .१९२० में यहाँ के राजा अमानुल्लाह खान ने इसको बनवाया था और उनका इरादा था अफगानिस्तान में प्रजातंत्र स्थापित करना । नब्बे के दशक में यह शानदार इमारत मुजाहिदीन की लड़ाई में ध्वस्त हो गयी.अब यह बेजार पडी है .कुछ हिस्से NATO द्वारा चेक पोस्ट के लिए इस्तेमाल होते हैं।


1 comment:

Udan Tashtari said...

अफसोस होता है इन हालातों पर.